मधुबनी पेंटिंग बिहार की 2500 वर्ष पुरानी कला है। UNESCO ने इसे सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है।
मधुबनी कला बिहार की सबसे प्रसिद्ध और पुरानी कला है, जो लगभग 2500 वर्ष पुरानी है। यह कला मधुबनी जिले के नाम पर रखी गई है, जहां यह कला का उदय हुआ था। मधुबनी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत मान्यता मिली है और UNESCO ने इसे सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है।
यह कला मुख्य रूप से पीतल, पेपर, कपड़ा और कागज पर बनाई जाती है। मधुबनी कला की विशेषता यह है कि इसमें केवल पांच प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है - काला, सफेद, लाल, पीला और हरा। ये रंग पौधों, फलों और मिट्टी से बनाए जाते हैं।
मधुबनी कला में मुख्य रूप से प्रकृति, हिंदू देवी-देवताओं, पशु-पक्षियों और दैनिक जीवन के दृश्य चित्रित किए जाते हैं। इस कला के माध्यम से कलाकार अपनी संस्कृति, परंपराओं और मान्यताओं को व्यक्त करते हैं।
मधुबनी कला न केवल बिहार की सांस्कृतिक पहचान है बल्कि भारतीय कला की एक महत्वपूर्ण शाखा भी है। यह कला बिहार के कलाकारों को रोजगार के अवसर प्रदान करती है और इस प्रकार BiharFuture के उद्देश्य के अनुरूप है।
बिहार न केवल सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह देश के कुछ सबसे महत्वपूर्ण कृषि और शिल्प उत्पादों के लिए भी जाना जाता है। मुजफ्फरपुर की लीची और भागलपुर का रेशम बिहार की पहचान हैं जो पूरे भारत और विश्व में प्रसिद्ध हैं।
मुजफ्फरपुर की लीची बिहार की सबसे महत्वपूर्ण कृषि उपज में से एक है। यहां की शाही लीची विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसे भारत सरकार ने भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है। मुजफ्फरपुर की लीची की विशेषता इसके रसीले मांस, छोटे बीज और गुलाबी सुगंध है। यह लीची पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है और इसमें विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा अधिक होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया पर जाएं।
भागलपुर बिहार का "रेशम शहर" कहा जाता है और यह देश के सबसे पुराने रेशम उत्पादन केंद्रों में से एक है। भागलपुर का तुस्सर रेशम (Tussar Silk) अपनी चमक, हल्कापन और टिकाऊपन के लिए प्रसिद्ध है। यहां के भागलपुरी साड़ियां पूरे देश में लोकप्रिय हैं और इन्हें पारंपरिक हाथी कारीगरी के माध्यम से बनाया जाता है। भागलपुर के रेशम को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला हुआ है, जो इसकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता को सुनिश्चित करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया पर जाएं।